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Krishi Udan

कृषि उड़ान योजना के तहत जोड़े जाएंगे 21 हवाई अड्डे;  किसानों को होगा सीधा फायदा

कृषि उड़ान योजना के तहत जोड़े जाएंगे 21 हवाई अड्डे; किसानों को होगा सीधा फायदा

जल्दी खराब होने वाली कृषि, बागवानी और मत्स्य उत्पादों की ओर ध्यान देते हुए सरकार ने एक नई योजना लाने का फैसला किया है. हाल ही में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जानकारी दी है कि केंद्रीय सरकार कृषि उड़ान योजना लाने जा रही है जिसके तहत देश में 21 और हवाई अड्डों को आपस में जोड़ा जाएगा. ऐसा करने से जल्दी खराब होने वाले उत्पाद को हवाई परिवहन के माध्यम से तेज रफ्तार से एक जगह से दूसरी जगह पर पहुंचाया जा सकता है.कृषि उप प्रमुखों की इंदौर में हुई बैठक के दौरान यह जानकारी सिंधिया द्वारा दी गई है. इस दौरान दी गई जानकारी से पता चला है कि इससे पहले कृषि उड़ान योजना के तहत देश में कम से कम एकत्रित हवाई अड्डे जोड़े जा चुके हैं और आगे चलकर 21 और हवाई अड्डों को जोड़ने के लिए रक्षा मंत्रालय से बातचीत चल रही है.कृषि उड़ान योजना को जल्द खराब होने वाले उत्पाद जैसे कि कृषि और मत्स्य पालन (मछली पालन) आदि को एक जगह से दूसरी जगह पर जल्दी पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा.केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि इस योजना के तहत हमारे पूर्वोत्तर भारत में पैदा होने वाले नींबू,  कटहल और अंगूर जैसी फसलें न केवल देश के अन्य भागों में पहुंच पाएगी बल्कि हम इन्हें अन्य देश जैसे, जल  इंग्लैंड,  सिंगापुर  तक भी पहुंचा सकते हैं.

बैठक में भाग लेंगे 30 देशों के कृषि प्रतिनिधि

G20 बैठक के लिए अलग-अलग तरह की कॉन्फ्रेंस हो रही है और दूसरे दिन खाद्य सुरक्षा और पोषण, पर्यावरण अनुकूल तरीकों से टिकाऊ खेती, समावेशी कृषि मूल्य श्रृंखला एवं खाद्य आपूर्ति तंत्र और कृषि रूपांतरण के डिजिटलीकरण सरीखे चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर पूरी तरह से विचार विमर्श किया गया. यह एक तीन दिवसीय बैठक है जिसमें आखिरी दिन प्रतिनिधियों द्वारा कृषि कार्य समूह की ओर दिए जाने वाले तथ्यों पर विचार विमर्श किया जाएगा. यह तीन दिवसीय बैठक भारत के  प्रमुख शहर इंदौर में हो रही है. ये भी पढ़े: इस खाद्य उत्पाद का बढ़ सकता है भाव प्रभावित हो सकता है घरेलु बजट

क्या है कृषि उड़ान योजना 2.0

अक्टूबर 2021 में कृषि उड़ान योजना 2.0 की घोषणा की गई थी.इस योजना के तहत मुख्य रूप से सभी पहाड़ी क्षेत्र और पूर्वोत्तर राज्यों और इसके अलावा आदिवासी क्षेत्रों में खराब होने वाले सभी तरह के खाद्य पदार्थों के लिए परिवहन की सुविधा मुहैया करवाने की बात की गई थी. कृषि से जुड़े हुए इस तरह के उत्पादों को हवाई परिवहन द्वारा एक जगह से दूसरे जगह तक पहुंचाने के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) भारतीय मालवाहकों और पी2सी (यात्री) के लिए लैंडिंग, पार्किंग, टर्मिनल नेविगेशनल लैंडिंग शुल्क (टीएनएलसी) और रूट नेविगेशन सुविधा शुल्क (आरएनएफसी) की पूर्ण छूट देता है.
केंद्र सरकार द्वारा चलाई गई पीएम किसान उड़ान योजना

केंद्र सरकार द्वारा चलाई गई पीएम किसान उड़ान योजना

पीएम किसान उड़ान योजना के अंतर्गत किसान अपने कृषि उत्पादों को देश-विदेश में निर्यात कर सकते हैं। इसके लिए किसानों से कोई शुल्क भी नहीं बसूला जाता। ट्रांस्पोर्टेशन के लिए ज्यादातर काम टैक्स फ्री हो जाते हैं। यह बिल्कुल, किसान रेल की तरह है। जहां ट्रेन परिवहन के माध्यम से संपूर्ण भारत में फल, सब्जियां, दूध और अन्य कृषि उत्पादों की आपूर्ति की जाती है। खेती-किसानी से संबंधित कार्यों में कृषकों की सहायता के लिए केंद्र सरकार विभिन्न कृषि योजनाऐं चला रही हैं। इन योजनाओं के अंतर्गत किसानों को सब्सिडी, लोन और बीमा जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं, ताकि वे बेहतर ढ़ंग से कृषि कार्य कर सकें। खेती में कृषकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण उनकी फसल होती है। 

किसानों का सब कुछ उनकी फसल पर ही निर्भर होता है। यदि फसल बर्बाद हो जाए, तो इससे कृषकों को काफी हानि होती है। खासकर वो फसलें जो कटाई के बाद जल्द खराब हो जाती हैं। किसानों की इसी समस्या को दूर करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा एक विशेष योजना चलाई गई है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को उनके कृषि उत्पादों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए हवाई ट्रांसपोर्ट की सुविधा प्रदान करती है। जी हां, हम बात कर रहे हैं, पीएम किसान उड़ान योजना या कृषि उड़ान योजना की।

किसान उड़ान योजना क्या है ?

कृषि उड़ान योजना के अंतर्गत किसान अपने कृषि उत्पादों को देश-विदेश में निर्यात कर सकते हैं। इसके लिए किसानों से कोई चार्ज भी नहीं लिया जाता। ट्रांपोर्टेशन के लिए अधिकांश काम टैक्स फ्री हो जाते हैं। यह बिल्कुल, किसान रेल की तरह है। जहां ट्रेन परिवहन के माध्यम से पूरे देश में फल, सब्जियां, दूध और अन्य कृषि उत्पादों की आपूर्ति की जाती है। परंतु, कृषि उड़ान योजना द्वारा शीघ्र नष्ट होने वाले और कमसुविधित किसान उत्पादों का निर्यात किया जा सकता है। कृषि उड़ान योजना के तहत देश में 50 से अधिक हवाई अड्डे कृषि उत्पादों के वायु परिवहन के लिए जोड़ा गया है।

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जानिए किन-किन एयरपोर्ट्स पर सुविधा मिल रही है 

पीएम किसान उड़ान योजना के अंतर्गत, फूल, फल, सब्जी, डेयरी समेत कम अवधि वाले कृषि उत्पादों को देश और विदेशों में निर्यात करने का सुविधाजनक व्यवस्था है। इस प्रकार, उत्पादों को फ्लाइट के जरिए से त्वरित रूप से पहुंचाया जाता है, जिससे उत्पाद वक्त पर बाजार तक पहुंच सकते हैं। इससे किसानों को उचित मूल्य भी मिल सकता है। भारत का कोई भी किसान इस योजना का फायदा उठा सकता है। साल 2020 के बाद से ही इस योजना के अंतर्गत 53 से ज्यादा हवाई अड्डों को जोड़ा गया है। यह योजना मुख्यत: पहाड़ी क्षेत्रों, उत्तर-पूर्वी राज्यों और आदिवासी क्षेत्रों से कृषि उत्पादों के परिवहन पर ध्यान केंद्रित करती है। क्योंकि, इन क्षेत्रों में सड़क परिवहन बेहद कठिन होता है। उत्पाद समय पर बाजार तक नहीं पहुंचने की वजह से खराब भी हो जाता है। इस प्रकार, कृषि उड़ान सेवा लेकर यह काम कुछ घंटों में पूरा हो जाता है।